कामयाबी के सूत्रों का खजाना है संस्कृत महाकवि भर्तृहरि का ‘नीतिशतकम्’

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News18

ऐश्वर्यस्य विभूषणं सुजनता, शौर्यस्य वाक्संयमो, ज्ञानस्योपशमः, श्रुतस्य विनयो, वित्तस्य पात्रे व्ययः। अक्रोधस्तपसः, क्षमा प्रभवितुर्धर्मस्य निर्व्याजता, सर्वेषामपि सर्वकारणमिदं शीलं परं भूषणम्। भर्तृहरि के अनुसार सदाचार ही मनुष्य का सर्वोच्च आभूषण है. वे लिखते हैं- सौजन्य ऐश्वर्य का, वाक्संयम शूरता का, शान्ति ज्ञान का, विनय विद्या का, सत्पात्र को दान धन का, अक्रोध तप का, क्षमा सामर्थ्यवान् का और सरलता धर्म का आभूषण है, परन्तु इन सभी का मूल कारण सदाचार सभी का सर्वोत्कृष्ट विभूषण है.

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