अब प्लाज्मा कटर से उम्मीद, कल से मैनुअली शुरू होगा काम, CM धामी ने उत्तरकाशी टनल हादसे में क्या-क्या बताया

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

उत्तरकाशी. उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में 13 दिन से फंसे 41 श्रमिकों को निकालने के लिए ‘ड्रिल’ करने में इस्तेमाल की जा रही ऑगर मशीन के ब्लेड मलबे में फंस गए हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को यह जानकारी दी. धामी ने संवाददाताओं को बताया कि ब्लेड के एक हिस्से को काट दिया गया है और शेष काम पूरा करने के लिए हैदराबाद से एक प्लाज्मा कटर हवाई मार्ग से लाया जा रहा है. मुख्यमंत्री बचाव अभियान में आई नई बाधा के बारे में संवाददाताओं को जानकारी दे रहे थे.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंदर जो लोग फंसे हैं, उनसे मेरी अभी बात हुई है. उनके हौसले मजबूत हैं. उन्होंने कहा है कि जितने भी दिन लगें, आप हमें सुरक्षित तरीके से बाहर निकालें.” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घटना के संबंधित सभी अपडेट ले रहे हैं.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में ढह गई सिल्कयारा सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को निकालने का बचाव अभियान शनिवार को चौदहवें दिन में प्रवेश कर गया है. ऑगर मशीन में एक और खराबी आने के बाद शुक्रवार रात ड्रिलिंग फिर से रोक दी गई थी. किसी न किसी परेशानी के कारण ऑगर मशीन को आगे ड्रिल करने और मलबे के माध्यम से अंदर ले जाने का रास्ता तैयार करने के लिए स्टील पाइप बिछाने की अनुमति नहीं मिल रही है और इसीलिए बचावकर्मी मैन्युअल ड्रिलिंग के विकल्प पर विचार कर रहे हैं. हालाँकि, मैन्युअल ड्रिलिंग में अधिक समय लगता है.

बचाव अभियान का हिस्सा रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जैसे ही ऑगर ड्रिलिंग मशीन को सुरंग पाइपलाइन से बाहर लाया जाएगा, अंतिम 6-9 मीटर में मैन्युअल ड्रिलिंग का काम शुरू किया जा सकता है.” बचाव अभियान की समय सीमा बताने से इनकार करते हुए अधिकारी ने कहा कि आज की नई ड्रिलिंग प्रक्रिया से अच्छे नतीजे आने की उम्मीद है. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, हर गुजरते घंटे के साथ स्थिति कठिन होती जा रही है.

अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने शनिवार को कहा कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए जिस ऑगर मशीन से ‘ड्रिल’ की जा रही थी, वह खराब हो गई है. डिक्स ने सिलक्यारा में पत्रकारों से कहा, ‘ऑगर टूट गई है, क्षतिग्रस्त हो गई है.’ पिछले कुछ दिन से ऑगर मशीन से ड्रिल करने के दौरान लगातार बाधाएं आ रही थीं.

जब उनसे हाथ से अथवा लम्बवत ड्रिल करने जैसे अन्य विकल्पों के बारे में पूछा गया तो डिक्स ने कहा कि सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “हम जो भी विकल्प अपना रहे हैं उसके अपने फायदे और नुकसान हैं. हमें बचावकर्ताओं की तथा श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है.” चारधाम यात्रा मार्ग पर बन रही सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था, जिससे उसमें काम कर रहे 41 श्रमिक फंस गए थे. तब से विभिन्न एजेंसियां उन्हें बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं.

Tags: Chardham Yatra, Pushkar Singh Dhami, Uttarkashi News

Source link

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer